Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। अब तक की शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अमेरिका में सक्रिय ऑपरेटिव रंदीप मलिक (Randeep Malik) का भी नाम भी सामने आया है। लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के करीबी माने जाने वाले रंदीप मलिक को इस नेटवर्क में टॉप मैनेजमेंट का हिस्सा माना जाता है। मलिक साजिश की योजना बनाने और निशाने तय करने का काम संभालता है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में बड़ा खुलासा
सूत्रों के मुताबिक अनिल पंडित भी रंदीप मलिक के निर्देशों पर काम करता था। और हाल ही में अनिल पंडित को स्वतंत्र जिम्मेदारी दी गई थी। अनिल पंडित, बिश्नोई गैंग के लिए 'डब्बा कॉल' के नेटवर्क को भी ऑपरेट करता है।
अंडरवर्ल्ड की भाषा में 'डब्बा कॉल'
अंडरवर्ल्ड की भाषा में 'डब्बा कॉल' ऐसे वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल याने VoIP कॉल को कहा जाता है, जिन्हें अलग-अलग जगहों पर मौजूद कई आपस में जुड़े फोन और स्पीकर के जरिए रूट किया जाता है। इस व्यवस्था का मकसद कॉल करने वाले की असली पहचान और उसकी फिजिकल लोकेशन को छिपाना होता है। अनिल पंडित ने अपने इसी डब्बा कॉल नेटवर्क के ज़रिए इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों से लगातार संपर्क किया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: EXCLUSIVE: टाइगर नहीं ये सेलिब्रिटी था हमलावरों का टारगेट! फिर इसलिए बनाया निशाना, दहशत फैलाना था शूटर्स का मकसद
हथियारों की सप्लाई करने वाले मॉड्यूल का खुलासा
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में हथियारों की सप्लाई करने वाले मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले कुनाल और सुमित के अलावा उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा और बबीता शामिल हैं। आरोप है कि इस मॉड्यूल के जरिए अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस मुंबई पहुंचाए गए थे। चारों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई की टीम ने अदालत में आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लेने और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत ने अर्जी मंजूर कर ली। इसके बाद मुंबई पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया और तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड भी हासिल कर ली।
एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए मिल रहे थे निर्देश
जांच के मुताबिक, कुनाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद हरसाना गांव के एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई। दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत होने लगी। आरोप है कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुनाल अमृतसर गया और वहां से एक पिस्टल व 20 कारतूस लेकर आया। करीब दो महीने पहले कुनाल की मुलाकात राधा से हुई थी। उसने राधा को अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और उसे अपने साथ जोड़ लिया। आरोप है कि कुनाल ने राधा को हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया।
दो महिलाओं के जरिए मुंबई पहुंचाया हथियार
जांच में सामने आया कि 15 अक्टूबर को कुनाल, राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी। इसके बाद दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हो गईं। इस दौरान कुनाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए उनके संपर्क में रहा और अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाता रहा। 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर स्टेशन पर उतरीं और एक होटल में ठहरीं। आरोप है कि उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया। पुलिस इस पूरी कड़ी की जांच कर रही है कि हथियार आगे किसे और कैसे सौंपा गया।
