स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों और राजनीतिक अभियान का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दूसरे चरण के राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान की तैयारी की है। यह अभियान 23 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगा। पार्टी ने इस अभियान को ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नाम दिया है। इसके जरिए बीजेपी SIR को लेकर विपक्ष के नैरेटिव की काट करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के पक्ष में जनमत तैयार करने की कोशिश करेगी।
देशभर के जिलों में पदयात्राएं, बड़े शहरों में तीन तक मार्च
बीजेपी की योजना के तहत देशभर के सभी जिलों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। बड़े शहरों में जरूरत के मुताबिक तीन तक पदयात्राएं आयोजित करने की तैयारी है। पार्टी का लक्ष्य इन कार्यक्रमों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ना और SIR को लेकर अपना पक्ष जनता तक पहुंचाना है। पदयात्राओं में बड़े स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।
हर विधानसभा में ‘Citizens for Democracy’ सम्मेलन
बीजेपी इस अभियान के तहत देशभर में बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। इन सम्मेलनों को ‘Citizens for Democracy’ (सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी) नाम दिया गया है। पार्टी की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ऐसे सम्मेलन आयोजित करने की है। देशभर में करीब 4,000 सम्मेलनों के आयोजन का लक्ष्य रखा गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से SIR, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर पार्टी का पक्ष सामने रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री तक संभालेंगे मोर्चा
अभियान को व्यापक राजनीतिक समर्थन और गति देने के लिए बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेताओं को भी मैदान में उतारने की तैयारी की है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश प्रभारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इन प्रेस वार्ताओं के जरिए SIR पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने और पार्टी का पक्ष रखने की रणनीति है।
विश्वविद्यालयों में SIR पर जागरूकता अभियान चलाएगा युवा मोर्चा
बीजेपी के इस अभियान में युवा मोर्चा को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। युवा मोर्चा देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के बीच SIR को लेकर जानकारी पहुंचाएगा। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
छात्रों के बीच SIR से जुड़े विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की भी योजना है। पार्टी की कोशिश होगी कि युवाओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए और इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब रखा जाए।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए भी प्रचार
बीजेपी अपने अभियान को केवल जनसभाओं, पदयात्राओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रखना चाहती। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से भी SIR को लेकर प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा, SIR से संबंधित साहित्य देशभर में वितरित करने की योजना है, ताकि पार्टी का पक्ष अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
विपक्ष के नैरेटिव को चुनौती देने की रणनीति
बीजेपी के इस दूसरे चरण के अभियान का मुख्य उद्देश्य SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना, युवाओं और आम मतदाताओं के बीच इस प्रक्रिया को लेकर जानकारी बढ़ाना और पार्टी के पक्ष में जनमत तैयार करना है। 23 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में संगठनात्मक नेटवर्क, वरिष्ठ नेताओं, युवा मोर्चा, बुद्धिजीवियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को एक साथ सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई है।
इस तरह बीजेपी SIR के मुद्दे पर राजनीतिक और जनसंपर्क, दोनों मोर्चों पर विपक्ष को जवाब देने की तैयारी में है।
