कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्ति की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा दो महीने से भी कम समय में तीन चीतों की मौतें गंभीर चिंता का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को राजनीति से ऊपर उठ कर सोचना चहिए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से चीतों को राजस्थान स्थानांतरित करने पर विचार करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान में उपयुक्त जगह की तलाश क्यों नहीं करते? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि राजस्थान में विपक्षी पार्टी का शासन है, इसका मतलब यह नहीं है, आप इस पर विचार नहीं करेंगे।
कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों की मौत से सुप्रीम कोर्ट चिंतित (प्रतीकात्मक तस्वीर-Pixabay)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट और लेखों से ऐसा प्रतीत होता है कि इतनी बड़ी संख्या में चीतों के लिए केएनपी पर्याप्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार चीतों को अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित करने पर विचार कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों की राय और मीडिया में लेख हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि कूनो इतने सारे चीतों के लिए पर्याप्त नहीं है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट क कहा कि कि चीतों को अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित करने सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। टास्क फोर्स के सदस्यों सहित किसी भी अधिकारी के पास चीता प्रबंधन का कोई अनुभव नहीं है। कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के सदस्यों सहित किसी भी अधिकारी को भारत में चीता प्रबंधन का कोई अनुभव नहीं है क्योंकि चीता 1947-48 में देश से विलुप्त हो गया था।
केंद्र सरकार ने कहा केंद्र और राज्य सरकारों ने अफ्रीकी देशों के साथ विनिमय यात्राओं, अध्ययन पर्यटन, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया है। दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में स्थानांतरित किए गए तीन चीतों की दो महीने से भी कम समय में मौत हो गई थी। (गौरव श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
