Akhilesh Yadav news: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में खुद चुनाव न लड़ने के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सवालों का सामना कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जवाब दिया है। सपा अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि जिनकी खुद की टिकट उनके अपने ही पड़ोसी पक्की नहीं होने दे रहे हैं, वो चुप ही रहें तो ही उनका सम्मान बचा रहेगा। सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश पर हमला बोला है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव।
X पर अपने एक ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा कि 'उन्होंने जो टीका-टिप्पणी की है वो भी किसी ‘दुष्मुखी’ के वचनों से प्रेरित लगती है। भगवान कृष्ण के एक अन्य परमार्थी नाम ‘रणछोड़’ को नकारात्मक भाव में प्रयुक्त करके उन्होंने साबित कर दिया है कि उनका ज्ञान कितना सीमित, संकीर्ण व समाज के लिए किस हद तक घातक है। रही बात लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री बनने की तो वो यह कहकर किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, गोरखपुरवाले इस पुरानी रार-तकरार को समझते हैं। गोरखपुर की जनता को सब दिख रहा है, वो काला चश्मा लगाए नहीं बैठी है।'
...आज तक ये प्रश्न अनुत्तरित ही रहे हैं
अखिलेश ने आगे कहा कि अब दिल्ली-लखनऊ की ही आपसी लड़ाई नहीं, गोरखपुर के अंदर भी भाजपा में वर्चस्व की अंदरूनी लड़ाई ‘लिखा-पढ़ी’ में बाहर आ गई है। नोटिस देने वालों का उप्र का प्रबुद्ध समाज भूला नहीं है। हमने कभी जो प्रश्न पूछे थे, आज फिर पूछ रहे हैं क्योंकि तबसे लेकर आज तक ये प्रश्न अनुत्तरित ही रहे हैं।
- 5 बड़ा या 7?
- विधानसभा बड़ी या लोकसभा?
- राज्य का मंत्री बड़ा या केंद्र का?
- प्रदेश का अध्यक्ष बड़ा या देश का?
पंकज चौधरी पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि जिनके नाम का पर्यायवाची ही ‘कमल’ हो, वो ही आपसी लड़ाई में कमल का निशान पाने के लिए तरस जाएंगे, अगर ऐसा नहीं है तो प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते भाजपा का सबसे पहला टिकट वो अपना ही घोषित करें।
वो नेता क्या जो चुनाव से भागे-राजभर
विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने कहा कि 'अरे मित्र अखिलेश यादव जी! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइये हो जाये दो-दो हाथ। हमको नहीं पता था कि आप इतना टोना-टोटका मानने वाले हैं। वैसे बिना चुनाव लड़े आपका मुख्यमंत्री बन जाना कोई टोना-टोटका नहीं था मित्र! बल्कि रेडीमेड पार्टी के रेडीमेड शहजादा होने के कारण मुख्यमंत्री बन पाए थे। अब जब, लग गया कि लड़ने गए तो मिट्टीपलीत होनी तय है तो लगे मैदान छोड़कर भागने?'
