नई दिल्ली: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया है कि 50-100 वर्षों के बाद मुस्लिम आबादी की अगली पीढ़ी बाबरी मस्जिद विध्वंस और उसी स्थान पर राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण के बारे में जानेगी। उन्होंने आगे सवाल किया कि उस समय अगर कोई मुस्लिम जज या मुस्लिम शासक सत्ता में आता है, तो 'क्या राम मंदिर को तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई जाएगी?' उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इसे बनाया जाएगा। मौलाना ने टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए यह टिप्पणी की।
अयोध्या राम मंदिर पर बोले मौलाना साजिद रशीदी
Swami Chakrapani Maharaj should be arrested for his 'temple beneath Jama Masjid claim'. After 100 years, there migh… t.co/zJXkoc4bs1
— ANI (@ANI) Dec 31, 2022
एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में अयोध्या में विवादित स्थल पर एक ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। शीर्ष अदालत ने सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले में केंद्र को उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर में एक अलग स्थान पर एक नई मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को वैकल्पिक 5 एकड़ भूखंड आवंटित करने का निर्देश दिया। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संविधान बैंच ने कहा था कि हिंदुओं का विश्वास है कि भगवान राम का जन्म ध्वस्त ढांचे में हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक समारोह में भाग लिया और 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में 'श्री राम जन्मभूमि मंदिर' का शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने शिलान्यास के लिए एक पट्टिका का भी अनावरण किया और 'श्री राम जन्मभूमि मंदिर' पर स्मारक डाक टिकट भी जारी किया।
