केंद्र सरकार ने पंजाब के आम आदमी क्लीनिकों के प्रदर्शन को सराहा, कहा- बेहतर ढंग से हो रहा संचालन

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Nov 14, 2022, 10:45 AM IST

केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कई पहल की सराहना की है। CRM की एक टीम ने पंजाब का दौरा कर यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।

KEY HIGHLIGHTS
  • केंद्र सरकार ने पंजाब के आम आदमी क्लीनिकों की कारगुज़ारी पर संतुष्टी जाहिर की
  • कहा, एम.बी.बी.एस. डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की टीम के साथ क्लीनिकों को बेहतर ढंग से चलाया जा रहा है
  • भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में कई अहम पहलों के लिए भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सराहना

Chandigarh: भारत सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कई पहलें करने के लिए पंजाब सरकार (Punjab Govt) की सराहना की है। भारत सरकार नियमित रूप से अलग-अलग विधियों के द्वारा राज्यों में एन.एच.एम. दी प्रगति की निगरानी करती है। सबसे महत्वपूर्ण विधि है कॉमन रिविऊ मिशन (सी.आर.एम.) जो हर साल की जाती है। सीआरएम के अंतर्गत सरकारी अधिकारियों, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, विकास हिस्सेदारों के प्रतिनिधियों और सिविल सोसायटी संस्थाओं की एक टीम अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय दौरा करती है।

Bhagwant Mann

मुख्यमंत्री भगवंत मान

जाहिर की संतुष्टि

सी.आर.एम. का उद्देश्य लोगों के नज़रिए से प्रोग्रामों को लागू करने का मुल्यांकन करना है। डिप्टी डायरैक्टर जनरल, आयुष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय डॉ. ए. रघु के नेतृत्व अधीन 16 सदस्यीय 15वीं कॉमन रिविऊ मिशन टीम ने 4 से 11 नवंबर तक राज्य का दौरा किया, जिस दौरान इसने फिऱोज़पुर और रूपनगर जिलों का दौरा किया। राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहलों पर पूर्ण संतुष्टी ज़ाहिर करते हुए टीम ने राज्य की प्रशंसा की और कहा कि राज्य में अधिक से अधिक संस्थागत प्रसूत हो रहे हैं और गर्भवती महिलाओं को सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में मानक ख़ुराक मुहैया करवाई जा रही है और ज़्यादातर महिलाओं को डीबीटी के द्वारा जी.एस.वाई. की अदायगी की गई है।

मुहैया होती हैं ये सुविधाएं

इसी तरह ज़्यादातर स्वास्थ्य संस्थाओं में परिवार नियोजन सम्बन्धी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। जि़ला अस्पतालों में फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर का अभ्यास किया जा रहा है। जि़ला अस्पतालों में ब्रैस्ट फीडिंग कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। ए.डब्ल्यू.सीज और सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में आर.बी.एस.के. स्क्रीनिंग करवाई जा रही है और बच्चों को मुफ़्त सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यह भी देखा गया कि टीकाकरण सेवाएं आऊटरीच कैंप्स (ममता दिवस) के द्वारा और एस.सी-एच.डब्ल्यू.सी. स्तर तक सभी स्वास्थ्य सुविधाओं पर उपलब्ध हैं। आशावर्करों द्वारा माताओं और बच्चों को टीकाकरण के लिए सैशन साईटों पर ले जाया जाता है। ज़्यादातर माताएँ टीकाकरण सेवाओं संबंधी अवगत हैं। राज्य में उमंग क्लीनिक कार्यशील हैं और एस.सी-एच.डब्ल्यू.सी और ए.डब्ल्यू.सी. में सैनेटरी नैपकिन मुहैया करवाए जाते हैं।

108 का किया जाता है प्रयोग

सीआरएम ने यह भी नोट किया कि राज्य ने सीएचओज़ के साथ एच.डब्ल्यू.सीज के संचालन के लक्ष्य को पूरा कर लिया है। एम.बी.बी.एस. डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टाफ की एक टीम के साथ क्लीनिक सुचारू ढंग से चलाए जा रहे हैं। मरीजों के डेटा की रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग के लिए कागज़ रहित प्रणाली उपलब्ध है। आम आदमी क्लीनिकों में विभिन्न लैब टैस्ट और दवाएँ मुफ़्त उपलब्ध हैं। बेहतर कम्युनिटी अवेयरनैस के साथ 108 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग किया जा रहा है।

झुग्गी-झोंपड़ी, दूर-दराज के इलाके और संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुँच के लिए एम.एम.यूज कार्यशील हैं। एस.एच.सी स्तर तक विभिन्न स्वास्थ्य आईटी पोर्टलों/ऐप्स का उपयुक्त ज्ञान और अभ्यास उपलब्ध है।

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