जब तक इस्लाम है, आतंकवाद रहेगा...मुझे भारत से प्यार है, यह घर जैसा लगता है, बोलीं तस्लीमा नसरीन

तसलीमा नसरीन ने कहा, जब तक इस्लाम रहेगा, आतंकवाद बना रहेगा। नसरीन (62) ने कहा, यूरोप में गिरिजाघर संग्रहालय में बदल गए हैं, लेकिन मुसलमान हर जगह मस्जिद बनाने में व्यस्त हैं।

Taslima Nasrin: निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने पहलगाम आतंकवादी हमले और 2016 में ढाका में हुए आतंकवादी हमले के बीच समानताएं गिनाते हुए रविवार को कहा कि जब तक इस्लाम है, आतंकवाद रहेगा। दिल्ली साहित्य महोत्सव के एक सत्र में ‘लज्जा’ की लेखिका नसरीन ने यह भी कहा कि इस्लाम 1400 वर्षों में विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, जब तक यह रहेगा, तब तक यह आतंकवादियों को जन्म देता रहेगा। 2016 के ढाका हमले में मुसलमानों को इसलिए मार दिया गया क्योंकि वे कलमा नहीं पढ़ पाए थे। जब आस्था को तर्क और मानवता पर हावी होने दिया जाता है, तो यही होता है।

Taslima nasrin

तसलीमा नसरीन

मदरसे नहीं होने चाहिए

नसरीन ने कहा, जब तक इस्लाम रहेगा, आतंकवाद बना रहेगा। नसरीन (62) ने कहा, यूरोप में गिरिजाघर संग्रहालय में बदल गए हैं, लेकिन मुसलमान हर जगह मस्जिद बनाने में व्यस्त हैं। हजारों मस्जिदें हैं और वे और भी मस्जिदें बनाना चाहते हैं। वे जिहादी पैदा करते हैं। मदरसे नहीं होने चाहिए। बच्चों को सभी किताबें पढ़नी चाहिए, सिर्फ एक नहीं।

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