INS Sandhayak: आईएनएस संधायक को भारतीय नौसेना में शामिल करने के बाद नेवी की ताकत में और इजाफा हो गया है। नया जहाज भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक महाशक्ति के रूप में भारत की भूमिका को और मजबूत करने में मदद करेगा। यह सुदूर समुद्र में मौजूदा चुनौतियों का सामना करेगा और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। हिंद महासागर में अदन की खाड़ी जैसे कई चोक प्वाइंट हैं, जहां से बडे़ पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। यहां कई खतरे बने हुए हैं, और इनमें सबसे बड़ा खतरा समुद्री डाकुओं से है। इस क्षेत्र में अपहरण की कोशिशों के मामले हालिया उछाल और सोमाली समुद्री डाकुओं से कई जहाजों और उनके चालक दल को बचाने में नौसेना ने अहम भूमिका निभाई है।
INS Sandhayak
नौसेना ने समुद्री डकैती की कोशिशों को नाकाम किया
नौसेना ने पिछले कुछ दिनों में अरब सागर और उसके आसपास पांच समुद्री डकैती की कोशिशों को नाकाम कर दिया है। नौसेना ने ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों द्वारा लॉन्च की गई मिसाइलों और ड्रोन हमले से प्रभावित व्यापारी जहाजों का भी बचाव किया है। नौसेना ने शुक्रवार को सोमाली तट पर समुद्री डकैती के प्रयास को भी विफल कर दिया था और ईरानी झंडे वाले मछली पकड़ने वाले जहाज ओमारी और उसके 11 ईरानियों और आठ पाकिस्तानियों के चालक दल को बचाया था।
आईएनएस संधायक की खासियतें
- नौसेना का पहला एसवीएल (survey vessel large) श्रेणी का जहाज आईएनएस संधायक सुरक्षित नेविगेशन को सक्षम करेगा।
- आईएनएस संधायक बंदरगाहों, बंदरगाहों, नौवहन चैनलों, तटीय क्षेत्रों और गहरे समुद्रों का हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करेगा।
- यह जहाज कई प्रकार के नौसैनिक अभियानों में भी सक्षम है।
- जहाज एसवीएल परियोजना के तहत देश में बनाए जा रहे चार जहाजों में से पहला है। इसका वजन 3,400 टन, लंबाई 110 मीटर और चौड़ाई 16 मीटर है।
रक्षा मंत्री बोले, विश्व से अराजकता खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध
इसके उद्घाटन के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अपनी बढ़ती ताकत के साथ न केवल क्षेत्र से बल्कि पूरे विश्व से अराजकता को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी बढ़ती शक्ति का उद्देश्य नियम-आधारित विश्व व्यवस्था सुनिश्चित करना है। हमारा उद्देश्य हिंद महासागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अवैध और अनियमित मछली पकड़ने को रोकना है। नौसेना इस क्षेत्र में नशीले पदार्थों और मानव तस्करी को रोक रही है। यह न केवल समुद्री डकैती को रोकने के लिए, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
