आवारा कुत्तों पर SC सख्त, गाइडलाइन को चुनौती देने वाली अर्जी खारिज, कहा-'खतरा बन चुके कुत्तों को यूथेनेशिया दे सकते हैं'

कोर्ट ने कहा कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड के फैसले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। वह इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकता कि ABC के नियम वर्ष 2001 में लागू हुए थे। इसके बावजूद, आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के अनुपात में आधारभूत ढांचे का विस्तार और उसका आकलन करने के प्रयासों में स्पष्ट कमी रही है।

Supreme Court: स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक जगहों से कुत्तों को हटाने के आदेश में बदलाव की मांग वाली 'डॉग लवर्स' की अर्जियों को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। साथ ही शीर्ष अदालत ने अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने नवंबर 2025 के आदेश में संशोधन करने से भी इनकार कर दिया है।

Supreme Court

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला।

फैसले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं

कोर्ट ने कहा कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड के फैसले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। वह इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकता कि ABC के नियम वर्ष 2001 में लागू हुए थे। इसके बावजूद, आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के अनुपात में आधारभूत ढांचे का विस्तार और उसका आकलन करने के प्रयासों में स्पष्ट कमी रही है। प्रयास केवल छिटपुट रहे और उनमें संस्थागत गहराई का अभाव था। नसबंदी और टीकाकरण अभियान बिना किसी ठोस योजना के चलाए जाते रहे। इससे इस ढांचे के उद्देश्य ही विफल हो जाते हैं। यदि राज्यों ने दूरदृष्टि के साथ समय रहते कदम उठाए होते, तो वर्तमान स्थिति इतनी गंभीर और चिंताजनक रूप नहीं लेती।

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