'कोर्ट में एंट्री बंद कर दूंगा अगर...' 'याचिकाकर्ता ने की सुभाष चंद्र बोस को राष्ट्र पुत्र घोषित करने की मांग; SC ने क्या-क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती और आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस को ‘राष्ट्रीय दिवस’ घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। याचिका में नेताजी को ‘राष्ट्र पुत्र’ का दर्जा देने और कटक स्थित उनके जन्मस्थान को राष्ट्रीय संग्रहालय घोषित करने की भी मांग की गई थी। अदालत ने इन मांगों पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे नीतिगत फैसले लेना कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के रुख पर नाराजगी जताई और इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (23 जनवरी) और आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस को 'राष्ट्रीय दिवस' घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने की सुभाष चंद्र बोस को राष्ट्र पुत्र घोषित करने की मांग।

इस याचिका में नेताजी को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्र पुत्र' की उपाधि देने और कटक में उनके जन्मस्थान को 'राष्ट्रीय संग्रहालय' के रूप में मान्यता देने का भी आग्रह किया गया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इन मांगों पर विचार करने के बजाय याचिकाकर्ता वकील के रुख पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट किया कि इस तरह के नीतिगत फैसले लेना अदालत का काम नहीं है।

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