सुप्रीम कोर्ट ने रिज एरिया मे पेड़ काटने के लिए जिम्मेदार DDA अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों को राजधानी के रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटने पर अवमानना ​​का दोषी ठहराया और व्यापक वनरोपण का आदेश दिया।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों को राजधानी के रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटने पर अवमानना का दोषी ठहराया और व्यापक वनरोपण का आदेश दिया। हालाँकि, अदालत ने पाया कि इसमें कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था।

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डीडीए अधिकारियों पर पीठ ने 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने अवमानना याचिका पर फैसला सुनाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पेड़ काटने पर प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन किया गया और दिल्ली के उपराज्यपाल तथा आईएएस अधिकारी सुभाषीश पांडा द्वारा क्रमशः डीडीए के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया। पीठ ने कहा कि यह मामला ‘गलत प्रशासनिक निर्णय’ की श्रेणी में आता है। डीडीए अधिकारियों पर पीठ ने 25,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया और डीडीए के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को मामले से छूट प्रदान कर दी। शीर्ष अदालत ने डीडीए को रिज क्षेत्र में रहने वाले उन धनी व्यक्तियों पर एकमुश्त शुल्क लगाने को भी कहा, जिन्हें सड़क चौड़ीकरण से लाभ मिला है।

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