ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग की कार्बन डेटिंग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, मुस्लिम पक्ष ने दी है चुनौती

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 19, 2023, 09:21 AM IST

Shivling Carbon Dating: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग की कार्बन डेटिंग मामले में देश की सुप्रीम अदालत सुनवाई करेगी। बता दें कि मुस्लिम पक्ष शिवलिंग को फव्वारा बताता है। इस संबंध में हिंदू पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कार्बन डेटिंग की मांग की थी जिसके पक्ष में अदालत ने मान लिया था

Shivling Carbon Dating: ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग की कार्बन डेटिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है जिस पर सुनवाई होनी है । बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के कार्बन डेटिंग का आदेश दिया है।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 मई को इस मुद्दे पर निचली अदालत के आदेश को दरकिनार करते हुए वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पाए गए एक शिवलिंग की कार्बन डेटिंग सहित एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा ने पारित किया। इस बीच अंजुमन इंतजामिया कमेटी का कहना है कि हिंदू पक्ष ख्याली पुलाव पका रहा है। जबकि हिंदू पक्ष का कहना है कि दस्तावेजों के आधार पर यह पुख्ता तौर पर कहा जा सकता है कि ज्ञानवापी मस्जिद को जहां बनाया गया वो पहले मंदिर था।

2022 में कोर्ट के आदेश पर परिसर की वीडियोग्राफी

पिछले साल 16 मई को काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद का एक स्थानीय अदालत द्वारा नियुक्त आयोग द्वारा अदालत के आदेश पर वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण पूरा किया गया था। सर्वेक्षण की कार्यवाही के दौरान एक संरचना - जिसे हिंदू पक्ष द्वारा शिवलिंग और मुस्लिम पक्ष द्वारा फव्वारा होने का दावा किया गया था।उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी दलील में हिंदू याचिकाकर्ताओं ने कार्बन डेटिंग द्वारा वैज्ञानिक जांच करने या अन्यथा शिवलिंगम की आयु, प्रकृति और अन्य घटकों को निर्धारित करने के लिए आग्रह किया था।

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