'फांसी की सजा दर्दनाक, वैकल्पिक तरीके अपनाए जाएं', सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, क्या कहा?

अदालत ने मृत्युदंड के लिए अधिक गरिमापूर्ण और कम दर्दनाक वैकल्पिक तरीकों की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करने के बाद 22 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

SC on Death Penalty: मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने के वैकल्पिक तरीके की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका में दलील दी गई थी कि फांसी देना मौत की सजा देने का एक दर्दनाक तरीका है। हालांकि, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट किया कि इस याचिका का खारिज होना केंद्र सरकार के रास्ते में बाधा नहीं बनेगा, अगर सरकार मृत्युदंड के तरीकों की व्यापक समीक्षा करना चाहती है और इसके निष्पादन के लिए किसी अधिक सम्मानजनक या वैकल्पिक तरीके को अपनाना चाहती है।

SC on Death Penalty

फांसी की सजा के वैकल्पिक तरीके पर सुप्रीम ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने आज मौत की सजा के लिए फांसी देने की मौजूदा व्यवस्था खत्म करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि याचिका खारिज होने का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में इस व्यवस्था की संवैधानिक समीक्षा नहीं हो सकती। अगर नए और ठोस मेडिकल या वैज्ञानिक सबूत सामने आते हैं, जिनसे यह साबित हो कि फांसी के तरीके पर दोबारा विचार करने की जरूरत है, तो मामला फिर अदालत के सामने आ सकता है।

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