बिना ट्रायल किसी आरोपी को लंबे समय तक जेल में नहीं रख सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने 2016 गढ़चिरौली आगजनी मामले में आरोपी अधिवक्ता सुरेंद्र गडलिंग के ट्रायल में हो रही देरी पर नाराज़गी जताई और महाराष्ट्र सरकार से हलफनामा दाखिल कर स्पष्टीकरण मांगा। गडलिंग 2018 से जेल में बंद हैं और उन पर यूएपीए सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 2016 गढ़चिरौली आगजनी मामले में अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गडलिंग के खिलाफ चल रही सुनवाई में हो रही देरी पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या किसी व्यक्ति को इतने लंबे समय तक बिना ट्रायल के जेल में रखा जा सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने उठाए अहम सवाल

जस्टिस जे के महेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, ट्रायल क्यों नहीं हो रहा? किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कितने सालों तक हिरासत में रखा जा सकता है?

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