जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- कोई हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकता

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और व्यापारियों के नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI ने कहा कि कोई भी प्रदर्शन स्थल पर हमेशा कब्जा नहीं कर सकता। राहुल गांधी, खरगे और अखिलेश यादव समेत अन्य लोगों को नोटिस जारी।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध (Jantar Mantar Protest) प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और व्यापारियों को हुए नुकसान से जुड़े मामलों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने प्रदर्शन करने के अधिकार और आम लोगों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन बनाने की जरूरत बताई। चीफ जस्टिस (CJI) ने साफ कहा कि हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कोई भी व्यक्ति या संगठन किसी तय प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा करके नहीं बैठ सकता। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

Supereme Court

सुप्रीम कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर, साभार- PTI)

प्रदर्शन के कारण व्यापारियों को हो रहा नुकसान

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दिल्ली के बाजारों में व्यापारियों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। त्योहारों के सीजन में इसका असर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों की कमाई पर भी पड़ रहा है। उन्होंने नुकसान हजारों करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई और सवाल किया कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक तरफ लोगों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, तो दूसरी तरफ व्यापार करने का अधिकार भी है। अदालत ने कहा कि उन लोगों की रोजी-रोटी का सवाल भी अहम है, जो रोज कमाकर अपना घर चलाते हैं।

End of Feed