ऑपरेशन सिंदूर: स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में विदेश सचिव ने दिए कई सवालों के जवाब, जानिए क्या-क्या मुद्दे उठे, किसने क्या पूछा

विदेश सचिव से यहां तक पूछा गया कि ट्रंप ने बार-बार कश्मीर का ज़िक्र क्यों किया? एक अन्य सदस्य ने पूछा कि सरकार चुप क्यों है? सूत्रों के अनुसार सरकार ने कहा कि यह सच नहीं है और भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम द्विपक्षीय स्तर पर हुआ था।

Standing Committee Meeting On Operation Sindoor: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को एक संसदीय समिति को बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष हमेशा पारंपरिक दायरे में रहा और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि मिसरी ने सरकार के रुख को दोहराया कि सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था, क्योंकि कुछ विपक्षी सदस्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संघर्ष को रोकने में उनके प्रशासन की भूमिका को लेकर बार-बार किए गए दावों को लेकर सवाल उठाया।

vivek misri

ऑपरेशन सिंदूर पर संसद की स्थायी समिति को दी गई जानकारी

सूत्रों ने बताया कि कुछ सांसदों ने पूछा कि क्या पाकिस्तान ने संघर्ष में चीनी मंचों का इस्तेमाल किया है। मिसरी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भारत ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को तबाह कर दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भारतीय जनता पार्टी की अपराजिता सारंगी एवं अरुण गोविल आदि ने भाग लिया। यह बैठक भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए सैन्य संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुई। भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमत हुए थे।

End of Feed