सतलुज फिल्म विवाद में सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त की एंट्री, कहा-सच को दबाया नहीं जा सकता

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा है कि शहीद भाई जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित मूवी सतलुज के भारत में ब्रॉडकास्ट पर बैन की हम कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने इस अभिव्यक्ति की आज़ादी का दमन करने वाली कार्रवाई बताया है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद सतलुज फिल्म को लेकर लगातार पंजाब में इस फिल्म को दोबारा रिलीज किए जाने की मांग उठ रही है। अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म को हटाए जाने के बाद इसे सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश बता रहे हैं। अब इस मामले को लेकर सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त ने भी फिल्म को बैन किए जाने की निंदा की है और इसे अभिव्यक्ति की आजादी का दमन बताया है।

सतलुज फिल्म विवाद में सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त की एंट्री, कहा-सच को दबाया नहीं जा सकता

बैन की हम कड़ी निंदा करते हैं-गरगज

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा है कि शहीद भाई जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित मूवी सतलुज के भारत में ब्रॉडकास्ट पर बैन की हम कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने इस अभिव्यक्ति की आज़ादी का दमन करने वाली कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया में बोलने की आज़ादी है और ह्यूमन राइट्स की सुरक्षा के मुद्दे पर भी बड़े पैमाने पर चर्चा हो रही है, ऐसे में देश में माइनॉरिटी सिखों पर हो रहे अत्याचारों की सच्चाई सामने आने से रोकना एक गैर-संवैधानिक और जबरदस्ती की कार्रवाई है।

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