एक के बाद एक कांग्रेस (Congress) शासित राज्य पुरानी पेंशन योजना (OPS Scheme) को लागू कर रहे। यहां तक कि हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की जीत का सबसे बड़ा श्रेय कांग्रेस ओपीएस (OPS) को ही देती है। लेकिन अब कांग्रेस के डेटा एनालिटिक्स विभाग के चेयरमैन प्रवीण चक्रवर्ती ने ही ओल्ड पेंशन स्कीम वापस लागू करने वाली राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या प्रियंका गांधी बुरी राजनीति कर रही हैं?
राहुल गांधी के करीबी प्रवीण चक्रवर्ती का एक अखबार को दिया इंटरव्यू लम्बे समय तक कांग्रेस को असहज करने वाला है। प्रवीण ने साफ-साफ कहा है कि ओपीएस का सीधा समर्थन करना एक खराब अर्थनीति ही नहीं बल्कि बुरी राजनीति का प्रतीक भी है।
अब सवाल ये खड़ा हो गया है कि क्या अशोक गहलोत समेत बाकी कांग्रेस के मुख्यमंत्री खराब अर्थनीति और खराब राजनीति का सहारा ले रहे हैं? और सबसे बड़ा सवाल कि कई राज्यों में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की चुनावी घोषणा करने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुरी राजनीति कर रही हैं? जबकि कांग्रेस और प्रियंका गांधी ने ओल्ड पेंशन स्कीम यानी ओपीएस का वादा करके पहाड़ी राज्य हिमाचल का चुनाव जीता है।
प्रवीण की राय पर कांग्रेस में चुप्पी
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन उससे पहले 5 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के राज्यों के भी चुनाव हैं। इस सभी चुनावों में ओल्ड पेंशन स्कीम को कांग्रेस बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। लेकिन इसी बीच राहुल गांधी के खास प्रवीण चक्रबर्ती को अंदर समर्थन नहीं मिला तो पार्टी से उलट अपनी राय उन्होंने सबके सामने रख दी।
कांग्रेस पार्टी में प्रवीण चक्रवर्ती कोई आम नाम नहीं हैं। उनके द्वारा किए गए डेटा एनालिसिस के आधार पर कांग्रेस 2019 से तमाम बड़े फैसले लेती आई है। यही नहीं राहुल गांधी उनको राज्यसभा में भेजने की हर कोशिश भी कर चुके हैं। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी का कोई नेता खुलकर उनका विरोध तो नहीं कर रहा है।
