Shimla Sanjauli Masjid Protest: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जारी विरोध प्रदर्शन पूरे देश में छाया हुआ है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। दरअसल, शिमला के संजौली इलाके में एक मस्जिद में अवैध निर्माण ढहाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके बाद बुधवार को सुरक्षाबलों ने उन पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद यह मुद्दा गर्म हो गया है और पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का भी उपयोग करना पड़ रहा है।
शिमला में प्रदर्शन।
शिमला में विरोध प्रदर्शन
बता दें कि 'जय श्री राम' और 'हिंदू एकता जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी सब्जी मंडी ढल्ली में एकत्र हुए और अपना विरोध दर्ज कराने के लिए संजौली की ओर कूच करने लगे और उन्होंने ढल्ली सुरंग के समीप लगाए बेरिकेड्स को तोड़ दिए। हिंदू संगठनों के आह्वान पर इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के पास दूसरा बैरिकेड्स भी तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस को उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा।
इलाके में निषेधाज्ञा लागू
शिमला के संजौली इलाके की मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर बढ़ते तनाव और विवादित ढांचा गिराने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों के बंद के आह्वान के बीच संजौली और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शिमला जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किए है जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने और हथियार रखने पर रोक है। कुछ हिंदू संगठनों ने बुधवार को संजौली बंद का आह्वान करते हुए अवैध विवादित ढांचे को गिराने और राज्य में आ रहे बाहरी लोगों के पंजीकरण की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
आपको बता दें कि शिमला में जिस मस्जिद को लेकर बवाल हो रहा है, वह मुद्दा आज से 14 साल पुराना है। हालांकि, इसको लेकर अब फिर से विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। दरअसल, शिमला में इस तरह की स्थिति पैदा होने के पीछे हाल ही में एक युवक पर हमला होना बताया जा रहा है। दरअसल, अगस्त में एक दुकानदार पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, दुकानदार हिंदू था, जबकि हमला करने वाले मुस्लिम थे और वह बाहरी राज्य के निवासी थे। हालांकि, हमले के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका।
क्यों शुरू हुआ प्रदर्शन?
दरअसल, अगस्त में जिस युवक पर हमला हुआ था, उसकी दुकान उसी मस्जिद के सामने स्थित है, जिसे लेकर बवाल मचा हुआ है। कहा जा रहा है कि आरोपियों ने युवक पर हमला करने के बाद मस्जिद में शरण ले ली थी। यानी कि वह मस्जिद में जाकर छिप गए थे। वहीं, मस्जिद को भी अवैध बताया जा रहा है। खुद हिमाचल सरकार में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मस्जिद अवैध है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण हिमाचल सरकार की जमीन पर किया गया है, जो अवैध है। साथ ही उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोग हिमाचल का माहौल खराब करते हैं। इसी सब को लेकर शिमला के संजौली में बवाल मचा हुआ है।
