'क्या 3 महीने में केस निपटेंगे, जजों की संख्या बढ़ाएगी सरकार? ; पेपर लीक पर शशि थरूर के तीखे सवाल

थरूर ने विधेयक के तहत केस को तीन महीने के भीतर निपटाने के सरकारी दावे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि 'अगर सरकार वास्तव में तीन महीने में मामलों के निपटारे का दावा कर रही है, तो सदन को यह बताए कि यह लक्ष्य कैसे हासिल किया जाएगा?

दिल्ली : लोक सभा में मॉनसून सत्र की कार्यवाही के दौरान 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक' पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कानून के क्रियान्वयन और उसकी प्रभावशीलता पर गंभीर संदेह जताते हुए स्पष्टता की मांग की। थरूर ने विधेयक के तहत केस को तीन महीने के भीतर निपटाने के सरकारी दावे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि 'अगर सरकार वास्तव में तीन महीने में मामलों के निपटारे का दावा कर रही है, तो सदन को यह बताए कि यह लक्ष्य कैसे हासिल किया जाएगा? क्या सरकार न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाएगी? क्या समर्पित सरकारी वकील नियुक्त किए जाएंगे? क्या फॉरेंसिक क्षमता को बेहतर बनाया जाएगा, या फिर यह कानून केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा?

Congress MP Shashi Tharoor

लोक सभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते कांग्रेस सांसद शशि थरूर

स्पेशल टास्क फोर्स की संरचना पर संदेह

विधेयक में प्रस्तावित 'स्पेशल टास्क फोर्स' (STF) को लेकर भी थरूर ने कई अहम चिंताएं जताईं। उन्होंने पूछा कि इस फोर्स में कौन से अधिकारी शामिल होंगे? उनकी योग्यताएं क्या होंगी? उनका कार्यकाल कितना होगा और किन परिस्थितियों में कोई मामला इस फोर्स को सौंपा जाएगा?

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