'अपने अतीत की करतूतों के सबूत नहीं मिटा पाएगा', US-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर शशि थरूर की दो टूक

Shashi Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत को इस मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए।

Shashi Tharoor: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही उच्च स्तरीय शांति वार्ता (Iran US peace talks) के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में भारत को पाकिस्तान के साथ किसी तरह की प्रतिस्पर्धा के रूप में नहीं देखना चाहिए। उनके अनुसार, इस समय सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य क्षेत्र में शांति स्थापित करना है, न कि देशों के बीच तुलना या प्रतिस्पर्धा करना।

shashi tharoor on iran us peace talks

US-ईरान शांतिवार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर बोले थरूर (Photo: PTI)

'अतीत में किए गए कार्यों को नहीं भुलाया जा सकता'

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक थरूर ने यह भी कहा कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में पाकिस्तान (India Pakistan relations) शांति बहाल करने में कोई भूमिका निभाता है, तो इससे उसके अतीत में किए गए कार्यों को नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि किसी देश की भूमिका को केवल वर्तमान स्थिति के आधार पर देखा जाना चाहिए, लेकिन इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया में इसलिए शामिल है क्योंकि उसकी ईरान के साथ लगभग 900 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है।

End of Feed