Sharad Pawar News : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में टूट के बाद एक मंच पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार दिखाई देंगे। दरअसल, पुणे में मंगलवार को पीएम मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राकांपा प्रमुख शरद पवार को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम मं महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी शामिल होंगे।
पीएम के साथ नजर आएंगे शरद पवार।
'भारत का मान बढ़ाने के लिए पीएम को सम्मान'
आयोजनकर्ता ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक ने कहा, ‘लोकमान्य तिलक की 103वीं पुण्यतिथि पर एक अगस्त को तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट (हिंद स्वराज संघ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगाई और भारत को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया। उनकी दृढ़ता और प्रयासों पर विचार करते हुए और उनके काम को रेखांकित करने के लिए तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों ने सर्वसम्मति से उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना है।’इस सम्मान के तहत एक स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र और एक लाख रुपए दिए जाते हैं।
अजित पवार ने एनसीपी से की बगावत
बता दें कि शरद पवार के भतीजे अजित पवार एनसीपी से बगवात कर महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फड़णवीस सरकार में शामिल हो गए हैं। सरकार में शामिल होने वालों में एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल जैसे बड़े नेता भी हैं। अजित का दावा है कि उनके साथ एनसीपी के करीब 40 विधायक हैं। एनसीपी में बगावत का मसला विधानसभा के स्पीकर के पास पहुंचा है जिस पर उन्हें फैसला करना है।
विपक्षी एकता में फूट
एनसीपी में यह टूट ऐसे समय हुई है जब लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्ष एकजुट होने की कोशिश कर रहा है। एनसीपी में फूट विपक्षी एकता को एक बड़ा झटका है क्योंकि विपक्ष को लामबंद करने में शरद पवार एक बड़े आधार के रूप में काम कर रहे थे। विपक्षी दलों ने इस फूट के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि भाजपा के इशारे पर ही अजित ने पार्टी को तोड़ा। राज्य सरकार में डिप्टी सीएम पद का शपथ लेने के बाद अजित ने एनसीपी और चुनाव चिन्ह पर भी अपना दावा किया है।
