निरस्त होगा राजद्रोह कानून, आपराधिक कानूनों में बड़े पैमाने पर बदलाव के लिए बिल लोकसभा में पेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 11, 2023, 01:41 PM IST

भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita Bill 2023), भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 (Bharatiya Sakshya Bill 2023) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बिल ( Bharatiya Nagrik Suraksha Sanhita Bill) पर लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम राजद्रोह जैसे कानूनों को निरस्त कर रहे हैं।

लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita Bill 2023), भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 (Bharatiya Sakshya Bill 2023) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बिल ( Bharatiya Nagrik Suraksha Sanhita Bill) पेश किया गया। इस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार कार्य करती रही। तीन कानून बदल जाएंगे और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव होगा। अमित शाह ने कहा कि इस बिल के तहत हमने लक्ष्य रखा है कि सजा का अनुपात 90% से ऊपर ले जाना है। इसीलिए हम एक महत्वपूर्ण प्रावधान लेकर आए हैं कि जिन धाराओं में 7 साल या उससे अधिक जेल की सजा का प्रावधान है। उन सभी मामलों में फॉरेंसिक टीम का अपराध स्थल पर जाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत हम राजद्रोह जैसे कानूनों को निरस्त कर रहे हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन नए विधेयक पेश करते हुए कहा कि राजद्रोह के कानून को पूरी तरह निरस्त करने का प्रावधान किया गया है। गृह मंत्री शाह ने लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक को सदन में पेश करते हुए तीनों विधेयकों को संसद की स्थायी समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा ताकि इन पर उचित तरीके से विचार-विमर्श हो। हमने तय किया है कि सत्र अदालत जिसे भी भगोड़ा घोषित करेंगी, उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलेगा और सजा सुनाई जाएगी, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो।

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