नागपुर में बीते सोमवार को दो पक्षों के बीच हुई उपद्रव की घटना के बाद अमरावती जिले के पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने शहर के नागरिकों से सोशल मीडिया से सतर्क रहने की अपील की है।उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर घटना से जुड़ी जानकारी की पुष्टि किए बिना किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले या दो धर्मों के बीच विवाद फैलाने वाले आपत्तिजनक संदेश, चित्र या वीडियो पोस्ट न किए जाएं।
प्रतीकात्मक फोटो
उन्होंने यह भी बताया कि अमरावती शहर में पूरी तरह से पुलिस बल तैनात है और सभी संवेदनशील क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा, शहर में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की स्थापना की गई है, जो सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कड़ी निगरानी कर रही है। पुलिस आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि नागपुर शहर की घटना से संबंधित झूठी अफवाहें फैलाने वाले और दो समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न करने वाले वायरल पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार के कृत्यों को महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत दंडित किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने सभी व्हाट्सएप एडमिन से अपील की कि वे अमरावती शहर में शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस बल का सहयोग करें और किसी भी असामाजिक गतिविधि में लिप्त न हों।
पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने आगे कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के बाद शहर में सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था अभी भी बनी हुई है, संवेदनशील स्थानों पर गश्त जारी है। वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी कड़ी निगरानी रख रहे हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। नागपुर की घटना के संबंध में अगर किसी को सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में चिंता है, तो उन्हें कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय साइबर पुलिस या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना देनी चाहिए।
