Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों और कथित एकतरफा कार्यशैली को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है जिस पर आज सुनवाई होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC ज्ञानेश कुमार) और चुनाव आयोग (ECI) द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) अभियान को लेकर देश में नया कानूनी और राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कर आयोग द्वारा लिए गए फैसलों को चुनौती दी गई है, जबकि दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दिल्ली में 1 नवंबर को 'चलो दिल्ली' महारैली का ऐलान किया है।
ज्ञानेश कुमार पर आज SC में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चुनाव आयोग के दोनों चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की राय को नजरअंदाज कर ज्ञानेश कुमार ने SIR प्रक्रिया में एकतरफा और मनमाने फैसले लिए। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए प्रयुक्त फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ने पर सवाल उठाए गए, जिससे नए/युवा मतदाताओं के लिए नाम जुड़वाना कठिन हो गया।
चुनाव आयोग की सफाई
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े सभी तीनों आदेश (24 जून 2025, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026) सर्वसम्मति से लिए गए थे और आयोग के भीतर किसी भी तरह का एकतरफा फैसला नहीं लिया गया है।
क्या है 'SIR' विवाद?
मतदाता सूचियों को अपडेट और शुद्ध करने का चुनाव आयोग का एक विशेष अभियान है। लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया है कि देश भर में SIR के नाम पर 13 करोड़ से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से हटा दिए गए हैं या हटाए जा रहे हैं। बिना उचित कारण या नोटिस दिए लोगों के वोट काटे गए हैं और प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई है।
'वोट चोरी' का आरोप
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की आड़ में सत्ताधारी दल चुनाव परिणामों में धांधली करने का प्रयास कर रहा है। इस विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सीधा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
1 नवंबर 'चलो दिल्ली' महारैली
राहुल गांधी और 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने देश की जनता से 1 नवंबर 2026 को दिल्ली पहुंचने की अपील की है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य "वोट बचाओ, देश बचाओ" के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ आवाज उठाना और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करना है। राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों, युवाओं और समाज के अलग-अलग वर्गों से इस रैली का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा है कि नागरिकों का वोट छीना जा रहा है और देश इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की सुनवाई कर रहा है। अदालत ने चुनाव आयोग के रिकॉर्ड मांगे हैं और यह जांच की जा रही है कि नियमों और फॉर्म में बदलाव किस स्तर पर किए गए थे। वहीं दूसरी ओर, 1 नवंबर को होने वाली महारैली से पहले देश की राजनीति गरमा गई है।
