सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति संदर्भ पर फैसला सुरक्षित रखा, क्या राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए बिलों पर समय सीमा तय की जानी चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली संविधान पीठ ने राष्ट्रपति संदर्भ पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब यह तय होगा कि राज्यपाल और राष्ट्रपति को विधानसभा से पारित विधेयकों पर निर्णय लेने के लिए बाध्यकारी समयसीमा तय की जा सकती है या नहीं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भेजे गए अनुच्छेद 143 के तहत संदर्भ पर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस संदर्भ में अदालत के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या राष्ट्रपति और राज्यपाल को विधानसभा से पारित विधेयकों पर अनुच्छेद 200 और 201 के तहत कोई निश्चित समय सीमा के भीतर निर्णय लेना चाहिए।

Supreme Court of India reserves judgement on Presidential Reference

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति संदर्भ पर फैसला सुरक्षित रखा (PHOTO-PTI)

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंद्रूकर शामिल रहे। इस बेंच ने इस मामले की दस दिनों तक लगातार सुनवाई की।

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