Production of Industrial Alcohol: सुप्रीम कोर्ट ने आज औद्योगिक अल्कोहल के उत्पादन पर केंद्र द्वारा नियम बनाने पर अहम फैसला दिया। आठ अनुपात एक के बहुमत से सात न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को पलटते हुए कहा कि केंद्र के पास औद्योगिक अल्कोहल के उत्पादन पर नियामक शक्ति का अभाव है। अदालत ने आठ अनुपात एक के बहुमत से दिए गए अपने फैसले में कहा कि औद्योगिक अल्कोहल पर कानून बनाने के राज्य के अधिकार को छीना नहीं जा सकता है।
औद्योगिक अल्कोहल उत्पादन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट के सामने सवाल था कि क्या इंडस्ट्रियल अल्कोहल पर भी राज्य सरकार का नियंत्रण हो सकता है। और क्या इंडस्ट्रियल अल्कोहल को भी नशे की कैटेगरी में रखा जाए। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने इस पर अब अपना फैसला सुना दिया है। इससे पहले 18 अप्रैल को संविधान पीठ में मामले पर फैसला सुरक्षित रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना ने बहुमत के फैसले से असहमति जताई कि केंद्र के पास औद्योगिक अल्कोहल को विनियमित करने की शक्ति नहीं है।
क्या होता है औद्योगिक अल्कोहल?
औद्योगिक अल्कोहल एथेनॉल का ही एक अशुद्ध रूप होता है। इसका इंडस्ट्री में आमतौर पर एक सॉल्वेंट की तरफ इस्तेमाल होता है और इसे डीनेचुरेटेड एल्कोहल भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल इंसान नहीं कर सकते। इसका इस्तेमाल फार्मा इंडस्ट्री और केमिकल इंडस्ट्री में किया जाता है। साथी ही इसका इस्तेमाल क्लीनर, कॉस्मैटिक्स, ईंधन, डाई, इंक आदि में भी होता है।
