धार भोजशाला मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह की जमीन पर दी जुमे की नमाज की इजाजत, आपसी सहमति से जगह बदलने का भी दिया विकल्प

Bhojshala Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर के पास मौजूद दरगाह की जमीन पर मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर मध्य प्रदेश सरकार और मुस्लिम पक्ष चाहें, तो आपसी सहमति से नमाज के लिए किसी अन्य जगह का चुनाव भी कर सकते हैं।

Bhojshala Dispute: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक धार जिले के विवादित भोजशाला परिसर को लेकर उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने एक बेहद अहम और स्पष्ट फैसला सुनाया है। अदालत ने मुस्लिम समुदाय को भोजशाला परिसर से बिल्कुल सटी हुई दरगाह की जमीन (खसरा नंबर 596) पर शुक्रवार यानी जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच इस स्थान पर शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

Bhojshala Dispute

भोजशाला विवाद (Photo: PTI)

प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अपने 14 जुलाई के पुराने आदेश को स्पष्ट करते हुए यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट के सामने नक्शा पेश किया गया, तो देखा गया कि दरगाह की इस जमीन पर जाने के लिए एक अलग और स्वतंत्र रास्ता मौजूद है, जिससे भोजशाला परिसर की सुरक्षा और शांति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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