देश

'सुप्रीम कोर्ट कहेगा तो 10 बार मांगूंगा माफी', अदालत की फटकार पर क्यों झुके संजय राउत?

शिव सेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी अदालत और न्याय की आखिरी उम्मीद है।

Image

सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद संजय राउत का बड़ा बयान (फाइल फोटो)

मुंबई में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची की पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद के बीच शिव सेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत का बड़ा बयान सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी की खबरों के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि न्यायपालिका के प्रति उनके मन में सर्वोच्च सम्मान है। अगर उनके किसी कदम या बयान से देश की सबसे बड़ी अदालत को कोई ठेस पहुंची है, तो वे एक बार नहीं बल्कि दस बार माफी मांगने के लिए तैयार हैं।

संजय राउत ने कहा कि जब लोकतंत्र में बाकी सभी दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब देश का आम नागरिक सुप्रीम कोर्ट की तरफ ही देखता है। चाहे चुनाव आयोग हो, राजभवन हो या कोई अन्य सरकारी संस्था, जब कहीं से राहत नहीं मिलती, तो सुप्रीम कोर्ट ही न्याय की आखिरी किरण नजर आता है। उन्होंने मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि यह लाखों नागरिकों के अधिकारों का सवाल है।

सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था-राउत

अदालत की संभावित नाराजगी पर रुख साफ करते हुए राउत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था है। अगर शीर्ष अदालत को लगता है कि याचिका दाखिल करने या किसी बात को कहने में उनसे कोई गलती हुई है, तो उन्हें खेद व्यक्त करने में कोई झिझक नहीं है। वे कानून और संविधान का पूरा सम्मान करते हैं।

'देश का लोकतंत्र और संविधान बचाना न्यायपालिका की जिम्मेदारी'

राउत ने राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि जब बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर अदालत का रुख करते हैं, तो उनका मकसद किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि अपनी बात पहुंचाना होता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान बचाना न्यायपालिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने अंत में दोहराया कि जनता के पास जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। अगर वहां से भी न्याय नहीं मिलेगा, तो लोग कहां जाएंगे? इसलिए वे न्याय की उम्मीद में आखिरी सांस तक अदालत का दरवाजा खटखटाते रहेंगे।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article