समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को हरदोई जिला कारागार से रिहा हुए। अब्दुल्ला आजम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल के द्वार से बाहर आये। वह किसी से मिले बिना और मीडिया से बात किये बिना रामपुर के लिए रवाना हो गए। अब्दुल्ला आज़म सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान के बेटे हैं जो विभिन्न मामलों के तहत सीतापुर की जेल में बंद हैं।
हरदोई जिला कारागार से रिहा हुए अब्दुल्ला आजम खान।
जेल के बाहर पहुंची समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा
अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर सुनकर मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा समेत कई नेता और कार्यकर्ता हरदोई जेल के बाहर पहुंच गये। रुचि वीरा ने न्यायपालिका में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, 'हमें हमेशा से न्यायपालिका पर भरोसा था और आगे भी रहेगा। आज न्याय हुआ है और हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी न्याय होगा।'
सुप्रीन कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खान को दी थी जमानत
अब्दुल्ला आजम खान को हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने जमानत दी थी। लेकिन रामपुर में सांसद-विधायक अदालत के समक्ष एक अलग मामले में लंबित कानूनी औपचारिकताओं के कारण वह अभी भी जेल में थे। पिछले कुछ सालों में उनके खिलाफ 45 मामले दर्ज हुए थे और सभी में उन्हें जमानत मिल गई थी। जमानत सत्यापन से संबंधित प्रक्रियागत मुद्दों के कारण उनकी रिहाई में देरी हुई। सोमवार को सांसद-विधायक अदालत से रिहाई का आदेश हरदोई जेल भेजा गया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
कब से कब तक हरदोई जेल में बंद रहे अब्दुल्ला आजम खान?
हरदोई जिला जेल में अब्दुल्ला आजम 16 महीने 3 दिन रहे। कोर्ट ने अब्दुल्ला को अक्टूबर 2023 में जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सात साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को रामपुर जेल और वहां से हरदोई जेल शिफ्ट किया गया था। जब कभी पूर्व विधायक की पेशी होती थी, तो कड़ी सुरक्षा में उन्हें रामपुर भेजा जाता रहा।
