सद्गुरु, नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष वैज्ञानिक काव्या मान्यापु ने विज्ञान और अध्यात्म के अंतर्संबंध पर चर्चा की

चेतना, विज्ञान, आध्यात्मिकता और वैश्विक प्रभाव 2025 सम्मेलन की मेजबानी हार्वर्ड टीचिंग अस्पताल, बेथ इज़राइल डीकॉन्स मेडिकल सेंटर में सद्गुरु सेंटर फॉर कॉन्शियस प्लैनेट (SCCP) ने की थी। SCCP की स्थापना हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में एनेस्थीसिया के प्रोफेसर डॉ. बाल सुब्रमण्यम ने की थी और वही इसके निदेशक हैं।

चेतना, विज्ञान, आध्यात्मिकता और वैश्विक प्रभाव 2025 कार्यक्रम के दूसरे दिन, सद्गुरु ने नासा की अंतरिक्ष यात्री कमांडर सुनीता विलियम्स और नासा की अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. काव्या मन्यापु के साथ एक गहन बातचीत की। इस कार्यक्रम का आयोजन हार्वर्ड टीचिंग स्कूल के बेथ इजराइल डीकॉन्स में सद्गुरु सेंटर फॉर कॉन्शियस प्लैनेट (SCCP) ने किया था। "सचेतन अंतरिक्ष अन्वेषण" विषय पर आधारित इस सत्र में, ब्रह्मांड को समझने की इंसान की बाहरी तलाश और स्वयं को जानने की उसकी आतंरिक लालसा पर विचार किया गया। यह दो दिवसीय सम्मेलन 11 और 12 अक्टूबर, 2025 को आयोजित किया गया था, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के जाने-माने वक्ताओं ने मानवता के भविष्य को आकार देने में चेतना की अहम भूमिका पर चर्चा की।

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सद्गुरु, नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष वैज्ञानिक काव्या मान्यापु ने विज्ञान और अध्यात्म के अंतर्संबंध पर चर्चा की

चर्चा के बाद सोशल मीडिया X पर सद्गुरु ने कहा, "'अन्वेषण' का मतलब अज्ञात क्षेत्र में यात्रा है - "चाहे वह अंदर की ओर हो या बाहर की ओर। इन दोनों के बीच अंतर यह है: आप विशुद्ध ज्ञान के लिए अंदर देखते हैं। आप असर, उपयोगिता या इस्तेमाल के लिए बाहर देखते हैं। दोनों ही जानने की मानवीय लालसा के बारे में हैं। अंतर केवल उन सीमाओं की तीव्रता में है जिन्हें तोड़ना हम चुनते हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण में लगी ये दो अद्भुत महिलाएं - सुनीता विलियम्स और काव्या मन्यापु - मानवीय क्षमता और दृढ़ संकल्प की जबरदस्त संभावना को दर्शाती हैं। बधाई और शुभकामनाएं।"

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