विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर (s jaishankar)चाहे विदेशी मंच हो या देशी मंच खुलकर अपने विचार रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन देशों के दोहरे मानदंडो को बेनकाब किया जो भारत के हितों के खिलाफ बयान देते हैं। हाल ही में जब रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर यूरोपीय देशों और अमेरिका ने ऐतराज किया तो उन्होंने तथ्यों के साथ बताया था कि वो मुल्क क्या करते हैं। कोलकाता में उन्होंने कहा कि देश के हित को आगे और पहले रखना ज्यादा जरूरी है। आज की राजनीति देश के बड़े हित पर यदि भारी पड़े तो उसे त्यागने की जरूरत नहीं है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि राजनीति से देश का हित प्रभावित हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से भी बचना चाहिए जिसकी वजह से हमारी सीमाओं को खतरा हो। हमें इस बारे में संस्कृति का निर्माण करना चाहिए और इसके लिए लोगों के विचार भी आने चाहिए
डॉ एस जयशंकर,विदेश मंत्री
370 पर भी खास बयान
डॉ एस जयशंकर ने अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आप देखें तो इसमें उस वक्त की राजनीति के अलावा क्या था। सबसे बड़ा सवाल यह था कि इस अस्थाई व्यवस्था को इतने लंबे समय तक जारी रखने की जरूरत ही क्या थी। उन्होंने कहा कि इतिहास में अगर कुछ गल्तियां रहीं हों या गलती हुई हो तो उसे सुधारने की जरूरत है। कोई भी नीति जो भारतीय हितों के लिए जरूरी है उस मुद्दे को सियासत से दूर रखना चाहिए।
It is important to put national interest first. Politics of the day should not hamper large interest of the nation.… t.co/K8fqHzSk8F
— ANI (@ANI) Nov 3, 2022
बयान देते समय जिम्मेदारी समझने की जरूरत
हम ऐसे माहौल से गुजर रहे है जहां छोटे छोटे बयान देश के हितों पर भारी पड़ते हैं। पहले राजनीतिक दल विचार बनाने का काम करते थे। लेकिन उनमें उनकी सियासत जुड़ी होती थी। लेकिन अब लोगों को आगे आना चाहिए और उन्हें अपनी राय रखनी चाहिए। हाल के दिनों में भारत ने अतंरराष्ट्रीय मंचों पर स्पष्ट किया है कि उसकी अपनी स्वतंत्र नीति है और बिना किसी कारण किसी दूसरे देश के दबाव में नहीं आएंगे।
