महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक कार्यक्रम में पहुंचे। वहां हंगामा हो गया। यह घटना तब हुई जब कथित तौर पर सेल्फी लेने को लेकर सांसद समर्थकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। समर्थक एक-दूसरे कुर्सियां फेंकते नजर आए। जमकर पत्थरबाजी हुई। कितने लोग घायल हुए हैं अभी इसकी सूचना नहीं है।
बृजभूषण सिंह की सभा में हंगामा (तस्वीर-फेसबुक)
उधर बीजेपी के सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और पीछा करने के मामले में दायर करीब 1500 पन्नों के आरोप पत्र में सभी 6 महिला पहलवानों के विस्तृत बयान साक्ष्यों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि जांच के तहत दर्ज गवाहों के 200 से अधिक बयान में से आरोप पत्र में केवल उनका उल्लेख किया गया है जो संगत हैं और पीड़ितों के आरोपों का समर्थन करते हैं। सूत्रों ने यह भी कहा कि केवल 100 गवाहों के बयान मामले में संगत पाये गये हैं लेकिन इनमें से भी बहुत ही कम गवाहों के बयानों की पुष्टि पीड़ितों के आरोपों से होती है।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर हंगामे के सिलसिले में पहलवानों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध करने के लिए दो दिन में अदालत जाएगी। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सात जून को पहलवानों के साथ अपनी बैठक में यह आश्वासन भी दिया था। सूत्रों के अनुसार जांच के क्रम में दिल्ली पुलिस ने पांच अन्य देशों के कुश्ती संघ/महासंघों को पत्र लिखकर सिंह द्वारा यौन उत्पीड़न की कथित घटनाओं के संबंध में जानकारी मांगी है, लेकिन उनके जवाब का इंतजार है। अधिकारियों ने बताया कि जवाब मिलने के बाद इस डिटेल को भी आरोप पत्र में शामिल किया जाएगा।
