Robert Vadra Land Deal Case: शिकोहपुर भूमि सौदा मामले में कांग्रेस नेता रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका है। रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट के सामने 16 मई को पेश होना होगा। राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ED के जवाब पर वाड्रा को जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
भूमि सौदा केस में रॉबर्ड वाड्रा को राहत नहीं (फाइल फोटो- PTI)
दोनों पक्षों ने रखी दलील
सुनवाई के दौरान ईडी ने वाड्रा की याचिका की मेंटेनबिलिटी पर ही सवाल उठाए। एजेंसी की ओर से यह भी कहा गया कि याचिका में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया है। वाड्रा की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जिन मूल अपराधों के आधार पर उनके खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई की जा रही है, वे कथित घटनाक्रम के बाद कानून की अनुसूची में जोड़े गए थे। इसलिए उन प्रावधानों का पूर्व प्रभाव से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सिंघवी ने अदालत में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले की जांच का अधिकार नहीं है, क्योंकि याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज अपराध उस समय धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की “अनुसूचित अपराध” सूची में शामिल नहीं थे। सिंघवी ने कहा कि संबंधित जमीन सौदा वर्ष 2008 से 2012 के बीच हुआ था, जबकि जिन अपराधों के आधार पर ED ने मामला दर्ज किया, उन्हें 2013 और 2018 में अनुसूची में जोड़ा गया। हालांकि, ED की ओर से पेश वकील ने इस दलील को गलत बताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता का दावा कानून की दृष्टि से पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।
रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट में पेश होना ही होगा
हाईकोर्ट ने इस चरण पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया। इसका मतलब है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन फिलहाल प्रभावी रहेंगे और वाड्रा को उसके अनुपालन में निचली अदालत के समक्ष पेश होना होगा। यह मामला हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच ईडी धन शोधन के आरोपों के तहत कर रही है।
