रोमांचक होगा वादियों का नजारा, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से पहाड़ों का सफर होगा आसान; सुरंगों में दौड़ेंगी ट्रेनें

Rishikesh-Karnprayag Rail Line: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का पहला चरण 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। परियोजना का 83 फीसदी हिस्सा सुरंगो से होकर गुजर रहा है। इस रूट पर 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

Rishikesh-Karnprayag Rail Line: उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से टनल, हाईवे, एक्सप्रेसवे के साथ नई रेल लाइन को बिछाने का कार्य जारी है। अब राज्य के 5 जिलों देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल प्रोजेक्ट को विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य को सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने जा रही है। इस परियोजना के तहत 125.20 किलोमीटर लंबी रेललाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 83 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। आइये जानते हैं इसकी क्या खासियत है?

Rishikesh-Karnprayag rail line Track.

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की परियोजना

उत्तराखंड के पहाड़ों का सफर आसान बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का पहला चरण 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। कर्णप्रयाग-सिमाई में परियोजना के तहत एक सुरंग बनाई जा रही है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की लंबाई 125 किलोमीटर है। इस खंड के तहत 16 सुरंगें और 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। परियोजना का अधिकांश कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कर्णप्रयाग का रेलवे स्टेशन सेवई में बनाया जा रहा है।

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