Munawwar Rana Death News: उर्दू के मशहूर शायर मुनव्वर राणा का रविवार देर रात लखनऊ में निधन हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार मुनव्वर राणा की मौत कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई है। मुनव्वर राणा कई दिनों से बीमार थे। मुनव्वर राणा का इलाज लखनऊ स्थित पीजीआई में चल रहा था।
मशहूर शायर मुनव्वर राणा का निधन
71 साल की उम्र में निधन
मिली जानकारी के अनुसार उर्दू शायर मुनव्वर राणा को रविवार को पीजीआई अस्पताल में ही दिल का दौरा पड़ा, जिसेस उनकी मौत हो गई है। मुनव्वर राणा 71 वर्ष के थे। उन्हें किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियां पहले से ही थीं। राना की बेटी सोमैया राना ने पीटीआई को बताया कि उनके पिता का रविवार देर रात लखनऊ में निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से गले के कैंसर से पीड़ित थे। उन्होंने बताया कि राना को सोमवार को उनकी वसीयत के मुताबिक लखनऊ में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सोमैया ने बताया कि उनके परिवार में उनकी मां, चार बहनें और एक भाई हैं।
मिले थे कई पुरस्कार
उर्दू कवि राणा को उनकी कविता - 'शाहदाबा' के लिए 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालांकि, उन्होंने देश में असहिष्णुता का आरोप लगाते हुए अवॉर्ड लौटा दिया था। उन्हें 2012 में उर्दू साहित्य में उनकी सेवाओं के लिए शहीद शोध संस्थान से माटी रतन सम्मान भी मिला।
रायबरेली में हुआ था मुनव्वर राणा का जन्म
मुनव्वर राणा का जन्म 26 नवंबर 1952 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपना अधिकांश जीवन कोलकाता, पश्चिम बंगाल में बिताया। मुनव्वर राणा अपनी कविताओं में फ़ारसी और अरबी से बचते हुए हिंदी और अवधी शब्दों का खूबसूरती से उपयोग करने के लिए जाने जाते थे, जिससे उनकी कविता भारतीय दर्शकों के लिए सुलभ थी। हिंदुस्तान के सबसे मशहूर शायरों में शुमार किए जाने वाले मुनव्वर राना की नज्म ‘मां’ का उर्दू साहित्य जगत में एक अलग स्थान है।
