ET Now Global Business Summit: 2014 के बजाय अब श्वेत पत्र लाने के पीछे राजनीति नहीं राष्ट्रनीति है, ईटी नाउ बिजनेस समिट में बोले पीएम मोदी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 10, 2024, 10:53 AM IST

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी, लेकिन उन्होंने राजनीति के बजाय राष्ट्रनीति को चुना...

ET Now Global Business Summit: प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 में शिरकत की और मौजूदा संसद सत्र में पेश श्वेत पत्र को लेकर सरकार की मंशा बताई। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी, लेकिन उन्होंने राजनीति के बजाय राष्ट्रनीति को चुना क्योंकि वह देश का आत्मविश्वास डिगाना नहीं चाहते थे। श्वेत पत्र आम चुनाव से पहले संसद सत्र में पेश किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की आलोचना करते हुए एक श्वेत पत्र पेश किया और कहा कि उस सरकार ने अंधाधुंध राजस्व व्यय, बजट से ज्यादा उधार लेने और बैंकों पर न चुकाए गए ऋणों का बोझ बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को गैर-निष्पादित अर्थव्यवस्था में बदल दिया था।

PM Modi

ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में पीएम मोदी

मैं श्वेत पत्र 2014 में भी ला सकता था...

ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 मे पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के दशक में देश जिन नीतियों पर चल रहा था, वे देश को दिवालियापन की राह पर ले जा रही थीं। इस पर हमने संसद में अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र पेश किया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस पर चर्चा जारी है। इतना बड़ा दर्शक वर्ग है तो मैं अपने मन की बात भी कहना चाहूंगा कि जो श्वेत पत्र मैं अभी लेकर आया हूं, वह मैं 2014 में भी ला सकता था। अगर मेरा मकसद राजनीतिक लाभ लेना होता तो मैं 10 साल पहले ही ये आंकड़े लोगों के सामने रख देता।

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