Ravneet Singh Bittu Resigns: केंद्र सरकार में रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा आज प्रधानमंत्री की सलाह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने पर तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। रवनीत सिंह बिट्टू को अपना मंत्री पद इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा नामांकित नहीं किया।
रवनीत सिंह बिट्टू का केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर
2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब से हारने के बावजूद भाजपा ने रवनीत सिंह बिट्टू पर भरोसा जताते हुए उन्हें मोदी सरकार में राज्य मंत्री बनाया था। इसके बाद उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा गया था, जहां उनका कार्यकाल जून 2026 में पूरा हो गया।
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कुछ समय पहले जॉर्ज कुरियन ने भी छोड़ा पद
चूंकि इस बार उन्हें राज्यसभा का दोबारा टिकट नहीं दिया गया, इसलिए उन्होंने संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान करते हुए इस्तीफा दे दिया। ठीक इसी तरह की स्थिति अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन के साथ भी रही, जिनका कार्यकाल समाप्त होने पर उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया।
दिल्ली से पंजाब की ओर रुख
दिल्ली की संसदीय राजनीति में करीब 17 साल (लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर) बिताने के बाद अब रवनीत सिंह बिट्टू पूरी तरह से अपने गृह राज्य पंजाब में सक्रिय होने जा रहे हैं। उन्होंने पहले भी ऐसे संकेत दिए थे कि वे अब राज्य स्तर पर काम करना चाहते हैं।
संवैधानिक नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति बिना सांसद रहे भी 6 महीने तक मंत्री पद पर बना रह सकता है, लेकिन पार्टी और बिट्टू दोनों ने ही अब राज्य संगठन पर ध्यान लगाने का फैसला किया है। रवनीत बिट्टू का मुख्य लक्ष्य 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों (Punjab Vidhan Sabha Chunav 2027) के लिए भाजपा को मजबूती देना और राज्य में पार्टी का आधार बढ़ाना होगा।
