Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित SIT बुधवार को सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप सकती है। तीन सदस्यीय समिति अपनी रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप सकती है। एसआईटी को जांच के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय मिला था और यह समयावधि 15 जुलाई को पूरी हो रही है। हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि जांच के अन्य पहलुओं को पूरा करने के लिए एसआईटी सरकार से थोड़ा और समय मांग सकती है। समझा जाता है कि एसआईटी की इस रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी SIT।
कथित दान चोरी के पूरे मामले से उठ सकता है पर्दा
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों एवं गवाहों से पूछताछ, दस्तावेजों, इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी, बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन की छानबीन और जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की गई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि रिपोर्ट में उन लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं जिनकी कथित चढ़ावा चोरी मामले में संलिप्तता रही है और दान चोरी के इस पूरे मामले से पर्दा उठ सकता है। इसके अलावा एसआईडी की यह रिपोर्ट निगरानी एवं प्रशासनिक खामियां दूर करने के लिए अपने सुझाव सरकार के समक्ष पेश कर सकती है।
14 घंटे की पुलिस रिमांड में दो आरोपी
मंगलवार को अयोध्या की एक विशेष अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में दो आरोपियों की 14 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली। सूत्रों ने बताया कि अदालत ने जांच अधिकारी के सात दिन की पुलिस हिरासत के अनुरोध को खारिज कर दिया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत ने आरोपी रामशंकर मिश्र और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड मंजूर की। सूत्रों के अनुसार, मामले के जांच अधिकारी आशुतोष तिवारी ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए सात दिन की पुलिस रिमांड का अनुरोध किया था लेकिन अदालत ने 14 घंटे की हिरासत की अनुमति दी।
दोनों आरोपियों से पूछताछ करेगी पुलिस
सूत्रों ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए बुधवार सुबह करीब सात बजे हिरासत में ले लिया। पुलिस इससे पहले मामले के सह-आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से अलग-अलग पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, इन चारों आरोपियों से पूछताछ के दौरान नकदी, सोना, निवेश संबंधी दस्तावेज और कथित रूप से चोरी की गयी रकम से खरीदे गए दो चारपहिया वाहन बरामद किए गए। सूत्रों ने दावा किया कि जांच में यह भी सामने आया कि कथित चोरी की गई राशि का एक हिस्सा ब्याज पर ऋण देने और शेयर बाजार में निवेश किया गया था।
भवन को सील करने की होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को निर्माणाधीन मकान के संबंध में मंगलवार को अंतिम नोटिस जारी किया। नोटिस में 15 जुलाई तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भवन को सील करने की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी। अधिकारियों के अनुसार, तीन जुलाई को जारी पहले नोटिस का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद शहादतगंज क्षेत्र के बनवीरपुर में निर्माणाधीन दो मंजिला मकान पर अंतिम नोटिस चस्पा किया गया। यह भूखंड लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर पंजीकृत है।
