Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सोमवार को मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई। बैठक के बाद मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने मीडिया से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि दान में मिली सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी सामान के गायब होने की बात सही नहीं है। दरअसल, अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान की गई कीमती वस्तुओं के गायब होने के आरोप लगाए गए थे।
ट्रस्ट ने उन सभी वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया, जिनके चोरी होने या गायब होने के आरोप लगाए जा रहे थे। ANI
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट ने उन सभी वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया, जिनके चोरी होने या गायब होने के आरोप लगाए जा रहे थे। सोने की रामचरितमानस, भगवान राम के चरण चिन्ह, हार और काकभुशुंडि को कॉन्फ्रेंस में रखा गया।
किसने दान की थी 'रामचरितमानस' की एक प्रति?
पूर्व आईएएस अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायणन ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि उनके परिवार ने अप्रैल 2024 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सोने की परत चढ़ी 'रामचरितमानस' की एक प्रति दान की थी, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। उनका दावा था कि यह रामचरितमानस कुछ समय तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित की गई थी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर
उन्होने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफा को मंजूर कर दिया गया। दान चोरी नोटों की गिनती के दौरान हुआ। कृष्ण मोहन फिलहाल ट्रस्ट का काम देखेंगे। कृष्ण मोहन अभी मंदिर ट्रस्ट के सदस्य हैं। दान चोरी की घटना से हम सब आहत हैं।
उन्होंने कहा, "झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। यह प्रचार किया जा रहा है कि सिर्फ दानपात्र से चोरी नहीं हुई, बल्कि मंदिर की कई अन्य वस्तुएं भी गायब हैं। यह पूरी तरह गलत है। हमारे पास मंदिर की करीब 2,800 वस्तुओं का विधिवत पंजीकृत रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक रूप से दिखाया जा सकता है। रामायण और चरण पादुकाओं जैसी वस्तुओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन उनका पूरा रिकॉर्ड हमारे पास सुरक्षित है। हम चार-पांच वस्तुओं का विवरण भी आपके सामने प्रस्तुत करेंगे।"
