Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और कई गंभीर सवालों के जवाब अब तक नहीं दिए गए हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए SIT की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा (फोटो- Congress)
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- राम मंदिर चंदा चोरी: SIT जांच में चंपत राय समेत 3 पदाधिकारियों पर उठे सवाल; बैंक खातों तक की जांच शुरू
SIT की रिपोर्ट हो सार्वजनिक
कांग्रेस ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, तो उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि जब मामला देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, तब जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में आखिर क्या आपत्ति है।
'40 दिनों में 70 चोरियां'
कांग्रेस सोशल मीडिया सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, "पिछले 40 दिनों में 70 चोरियां हुई हैं। ये तो इतिहास में महमूद गजनवी का जिक्र किया जाता है, लेकिन आज जिस तरह राम मंदिर परिसर में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, वह उससे भी अधिक चिंताजनक है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि पिछले साढ़े पांच वर्षों में कुल कितनी चोरी हुई, कितना सामान गायब हुआ और उसका पूरा ब्यौरा कौन देगा?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चोरी कोई नई घटना नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चल रही थी। पार्टी ने पूछा कि यदि लगातार चोरी होती रही, तो अब तक कुल कितना नुकसान हुआ और श्रद्धालुओं की ओर से दान की गई संपत्ति का कितना हिस्सा सुरक्षित है। कांग्रेस ने कहा कि जनता को इसकी पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल छोटे लोगों को गिरफ्तार कर मामले को सीमित करने की कोशिश की गई है, बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच का दायरा नहीं पहुंचा है। पार्टी का आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि चोरी से जुड़े बड़े लोगों को बचाया जा सके और पूरे मामले की सच्चाई सामने न आए।
निजी सुरक्षा गार्ड क्यों?
कांग्रेस ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। पार्टी ने कहा कि जब राम मंदिर परिसर की सुरक्षा में केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां तथा सुरक्षा बल तैनात थे, तब इतनी बड़ी संख्या में चोरी की घटनाएं कैसे होती रहीं। कांग्रेस ने विशेष रूप से पूछा कि निजी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों की भूमिका क्या थी और उनकी जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही है।
कांग्रेस की राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले पर मांग
- योगी आदित्यनाथ SIT की रिपोर्ट को सार्वजनिक करें
- कलंकित ट्रस्ट को भंग किया जाए
- चंपत राय और बाकी लोगों के खिलाफ FIR हो और जांच हो
- 40 दिन में 70 चोरी सामने आई तो शुरू से चढ़े चढ़ावे का ऑडिट हो
- पीएम मोदी अपनी चुप्पी तोड़े.. और माफी मांगे
- राम मंदिर घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज के नेतृत्व में हो
दान में मिली वस्तुएं कहां?
देश-दुनिया के श्रद्धालुओं द्वारा राम मंदिर के लिए दान की गई करोड़ों रुपये मूल्य की वस्तुएं, आभूषण और अन्य सामग्री का पूरा रिकॉर्ड कहां है। कांग्रेस ने मांग की कि दान में मिली सभी वस्तुओं का विस्तृत हिसाब सार्वजनिक किया जाए ताकि किसी तरह की आशंका न रहे।
कांग्रेस ने कहा कि यदि डबल इंजन सरकार को इन कथित चोरी की घटनाओं की जानकारी नहीं थी, तो यह सुरक्षा और खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता है। वहीं यदि सरकार को पहले से जानकारी थी और इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों इस पूरे मामले पर जवाब देने से बच रही हैं।
कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में वहां हुई किसी भी कथित अनियमितता, चोरी या सुरक्षा चूक की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।
