Rajasthan Urban Local Body Elections: दिग्गजों के गढ़ में उलटफेर, कहीं BJP तो कहीं कांग्रेस को झटका; कई जगह निर्दलीय निर्णायक

राजस्थान के नगर निकाय चुनावों ने यह संकेत दिया है कि शहरी राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला अभी भी बेहद प्रतिस्पर्धी है। दिग्गज नेताओं के गढ़ में आए नतीजे दोनों दलों के लिए अपने संगठन और स्थानीय समीकरणों को परखने का मौका भी हैं।

राजस्थान नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और भूपेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा तक के प्रभाव वाले इलाकों में मुकाबला एकतरफा नहीं रहा। कई नगर निकायों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

राजस्थान निकाय चुनाव

राजस्थान निकाय चुनाव में बड़े उलटफेर।

भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भाजपा स्पष्ट बोर्ड बनाने की स्थिति में नहीं पहुंच सकी है। यहां कुल 65 सीटों में भाजपा को 20, कांग्रेस को 7 और अन्य उम्मीदवारों को 38 सीटें मिली हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निजी वार्ड से भाजपा प्रत्याशी जीत दर्ज करने में सफल रहा। लेकिन पूरे जिले के निकाय चुनाव के आंकड़ों में भाजपा को बोर्ड बनाने के लिए अन्य पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

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