बांद्रा टर्मिनस भगदड़ मामले में राहुल गांधी ने मोदी सरकार बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि उद्घाटन और प्रचार तभी अच्छे हैं जब उनके पीछे ऐसी बुनियाद हो जो जनता की सेवा के लिए असल में काम करे। जब सार्वजनिक संपत्ति के रख-रखाव के अभाव और उपेक्षा के कारण लोगों की जान जाने लगे और पुल, प्लेटफार्म या मूर्तियां रिबन काटने के साथ ही गिरने लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी
'अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता'
सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर राहुल गांधी ने हाल के दिनों में हुए हादसों को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है जो गरीबों की स्थानीय जरूरतों का भी ध्यान रखें - जो व्यापार को सरल, यात्रा को सुगम और लोगों को सुरक्षित रखे।
राहुल गांधी ने किन-किन घटनाओं का किया जिक्र
हाल ही में मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर हुई भगदड़, भारत के ढहते बुनियादी ढांचे की कड़ी में सबसे ताज़ा उदाहरण है। पिछले साल जून में बालासोर ट्रेन हादसे में 300 लोगों की जान चली गई, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा देने के बजाय भाजपा सरकार ने उन्हें लंबे कानूनी दांव-पेंच में उलझा दिया है। सोचिए ज़रा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मात्र 9 महीने में गिर जाती है, इसका साफ मतलब है इरादा सिर्फ प्रचार था - इसमें न ही शिवाजी महाराज का सम्मान था और न जनता की सुरक्षा का ध्यान।
