INDIA Bloc Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शनिवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पुलिस और भाजपा के गुंडों, दोनों ने ही पीटा, जबकि युवाओं के दिलों में नफरत या गुस्सा नहीं, मोहब्बत थी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (फोटो साभार: Congress)
राहुल गांधी ने 'चलो दिल्ली' का आह्वान करते हुए देशवासियों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''कल दिल्ली में देश का युवा शांतिपूर्ण विरोध के लिए सड़कों पर उतरा। उनके दिलों में नफ़रत या गुस्सा नहीं, मोहब्बत थी। लेकिन उन्हें पुलिस और भाजपा के गुंडों, दोनों ने पीटा। ऐसा भारत हम नहीं चाहते।''
राहुल का चलो दिल्ली आह्वान
राहुल गांधी ने कहा कि कल, सोमवार 12 अक्टूबर को, हम भारतीय होने के नाते सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य की हर दीवार से ऊपर उठकर, हम सब एक साथ चलेंगे। देश का युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले, भारत के संविधान के साथ खड़े सभी लोग हमारे साथ चलेंगे।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हम देश की ओर से मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेंगे। हमारी मांग है - वोट चोरी बंद हो, एसआईआर पर रोक लगे और ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें।
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मोदी सरकार पर बरसे राहुल
उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज़ को दबा नहीं सकते। ये कायर हमें डरा नहीं सकते। इन्हें पीछे हटना ही होगा। हम सब साथ चलेंगे- मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति के साथ। डरो मत। कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।
सनद रहे कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां काफी एक्टिव नजर आ रही है। विपक्षी दलों ने तीनों दिनों तक राजनीतिक गलियारों में अपनी हाजिरी दर्ज कराई। सबसे पहले चुनाव आयोग का घेराव करने की कोशिश में आकाशवाणी भवन से राहुल, प्रियंका समेत कई सांसद हिरासत में लिए गए।
इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद जंतर-मंतर के धरना स्थल की ओर बढ़ रहे थे, जहां जाने से सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया। इसके अगले दिन, विपक्षी सांसदों ने राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और सरकार को घेरा और फिर शुक्रवार को संसद परिसर से विजय चौक तक पैदल मार्च किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा।
