वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद आकाशवाणी भवन पर धरने पर बैठे हुए हैं। विपक्ष ने आज संसद से चुनाव आयोग तक मार्च का आयोजन किया है, लेकिन पुलिस ने यहां बैरिकेड लगाकर उन्हें निर्वाचन आयोग तक पहुंचने से रोक दिया है। इस दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र को बचाने के लिए यहां खड़ा हूं। उन्होंने कहा, BJP क्या बोलती है इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे राहुल गांधी
नई दिल्ली में आकाशवाणी भवन के परिसर में मौजूद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए प्रश्न किया कि हमें क्यों रोका जा रहा है। हम ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ECI का काम चुनाव कराना है। कांग्रेस सांसद ने भाजपा-RSS पर जोरदार हमला बोला।
मोदी-शाह ने देश को हाईजैक किया - राहुल गांधी
राहुल गांधी ने RSS-भाजपा पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि वह देश की आवाज उठा रहे हैं। मोदी और शाह ने देश को हाईजैक कर लिया है।
राहुल गांधी ने कहा, '300 से ज्यादा लोकसभा-राज्यसभा सांसदों ने आज संसद से चुनाव आयोग तक मार्च शुरू किया। हम चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। हम सभी सांसद करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं। फिर चुनाव आयुक्त हमसे क्यों नहीं मिलते हैं? पुलिस हमें क्यों रोक और धमका रही है?'
इनमें से कोई नहीं बचेगा - राहुल गांधी
कांग्रेस ने अपने X सोशल मीडिया हैंडल पर राहुल गांधी संदेश पोस्ट किया है। इस पोस्ट में लिखा गया है- नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है - ये बात पूरा देश जानता है। इन लोगों ने 'वोट चोरी' कर देश को हाईजैक किया है। आप देखिएगा - इनमें से कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।
पुलिस की राहुल गांधी से तीन दौर की बातचीत असफल
इस बीच पुलिस और चुनाव आयोग तक मार्च के लिए निकले विपक्षी सांसदों के बीच लगातार बातचीत हो रही है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और राहुल गांधी के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत असफल रही है।
राहुल गांधी अब भी आकाशवाणी भवन में पेड़ के नीचे धरने पर बैठे हुए हैं। राहुल गांधी की मांग है कि उन्हें चुनाव आयोग जाने दिया जाए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित तमाम विपक्ष के सांसद धरने पर डटे हुए हैं।
