Rahul Gandhi met Hathras stampede Victims: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज हाथरस भगदड़ कांड के पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का दर्द सुना और उन्हें मदद का आश्वासन भी दिया। राहुल गांधी ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि यह एक दुखद घटना है। कई लोगों की मौत हो गई है। पीड़ित परिवारों के लिए यह मुश्किल समय है। उन्होंने कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ितों को अधिकतम मुआवजा दिया जाना चाहिए, क्योंकि वे गरीब परिवार से हैं।
राहुल गांधी ने हाथरस कांड के पीड़ितों से मुलाकात की।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं इस घटना को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहता हूं, लेकिन प्रशासन की ओर से कमियां तो हैं। गलतियां हुई हैं, इसलिए उनका पता लगाना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से अनुरोध करता हूं कि वे दिल खोलकर मुआवजा दें। अगर मुआवजे में देरी होती है, तो इससे किसी को फायदा नहीं होगा। मैंने मृतकों के परिवार के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं थी। वे सदमे में हैं और मैं बस उनकी स्थिति जानना चाहता था।
मंजू देवी के घर पहुंचे राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे। उन्होंंने यहां हाथरस भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। राहुल गांधी सबसे पहले मंजू देवी के घर पहुंचे। उनके पति छोटे लाल और परिवार से मुलाकात की। हाथरस हादसे में मंजू देवी और उनके बेटे की मौत हो गई थी। राहुल ने हादसे के बारे में जानकारी ली। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंजू देवी की बेटी ने कहा कि इलाज में जैसी मदद होनी चाहिए वो नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि आप परेशान न हो पूरी मदद की जायेगी। राहुल गांधी पिलखना गांव में ही दो और परिवार शांति देवी और प्रेमवती के घर भी पहुंचे। इसके बाद राहुल गांधी हाथरस के लिए रवाना हो गए। बता दें, हाथरस में दो जुलाई को भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले 121 लोगों में से 17 अलीगढ़ से थे और 19 लोग हाथरस से थे।
