होली के दिन इस 28 गांव के लोग मानते हैं शोक, तीन दिन बाद खेलते हैं रंग-गुलाल; जानिए क्या है इसके पीछे का रहस्य

Raebareli: होली को लेकर पूरे देश में उत्साह देखा जा रहा है। लेकिन भारत का कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां होली के दिन खुशी नहीं शोक मनाया जाता है। यहां बात उत्तर प्रदेश के रायबरेली की हो रही है। जहां, होली के दिन 28 गांव के लोग शोक मानते हैं। आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? आपको इस रिपोर्ट में सबकुछ बताते हैं।

Holi in Dalmau: देशभर में शुक्रवार को होली धूमधाम से मनाई जाएगी। लेकिन उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक ऐसा क्षेत्र है जहां होली के दिन लोग रंग और गुलाल नहीं उड़ाते। होली के दिन जहां लोग रंगों की फुहारों का आनंद लेते हैं, वहीं रायबरेली के डलमऊ में होली के दिन 28 गांवों में शोक मनाया जाता है। इन गांवों के लोग होली के पर्व के तीन दिन बाद होली खेलते हैं।

Dalmau Holi Mystery

डलमऊ का इतिहास। (फोटो साभार: Wikimedia Commons)

700 वर्ष पुरानी परंपरा के चलते होता है ऐसा

डलमऊ के नगर पंचायत अध्यक्ष ब्रजेश दत्त गौड़ ने बताया कि डलमऊ में होली के दिन 28 गांवों में शोक मनाया जाता है। यह 700 वर्ष पुरानी परंपरा है। होली के दिन राजा डल के बलिदान के कारण शोक की परंपरा आज भी चली आ रही है।

End of Feed