QUAD Meeting: पश्चिम एशिया में तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत की मेजबानी में आज (मंगलवार) नई दिल्ली में 'क्वाड' देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होने जा रही है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की मंगलवार को होने वाली एक अहम बैठक के एजेंडे में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक नतीजे, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा हालात और महत्वपूर्ण खनिज तथा प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने के तरीके शीर्ष पर रह सकते हैं।
दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक। ANI
नयी दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति पर जोर
क्वाड-भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का समूह है जो विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता पर ध्यान दे रहा है। समूह के मौजूदा अध्यक्ष के नाते भारत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले करीब एक साल पूर्व क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक वाशिंगटन डीसी में हुई थी।
विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि एक आजाद और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्वाड का दृष्टिकोण बातचीत का मुख्य केंद्रबिंदु होगा। उसने पिछले सप्ताह कहा था कि विदेश मंत्री प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड के सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, चल रही पहलों पर प्रगति की समीक्षा करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम और आपसी चिंता के दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षों पर होगी चर्चा
बैठक की तैयारियों से जुड़े लोगों ने बताया कि क्वाड के विदेश मंत्री यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षों सहित जरूरी वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग का जायजा लेंगे। इस क्षेत्र में चीन अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा है।
पिछले कुछ सालों में क्वाड ने इस क्षेत्र की कुछ सबसे जरूरी जरूरतों और चुनौतियों को हल करने के लिए कई पहल शुरू की हैं, जिसमें समुद्री सुरक्षा, अवसंरचना और संपर्क के पहलू शामिल हैं।
भारत-अमेरिका समुद्री महाशक्ति हैं: एस जयशंकर
मंगलवार की बैठक में क्वाड सम्मेलन का व्यापक एजेंडा भी तय होने की उम्मीद है, जो इस साल के आखिर में भारत में होने की संभावना है। शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो ने क्वाड को एक अहम व्यवस्था बताया।
जयशंकर ने ब्रीफिंग में क्वाड के महत्व पर जोर देते हुए कहा, ’’हम एक-दूसरे के साथ बहुत कुछ कर रहे हैं क्योंकि हम समुद्री महाशक्ति हैं। और मैं इसे बढ़ता हुआ देख रहा हूं। और हम एक-दूसरे के साथ बहुत कुछ कर रहे हैं क्योंकि हम लोकतांत्रिक शक्तियां हैं जिनके काम करने का एक खास तरीका है।’’
क्या है क्वाड?
क्वाड (QUAD) चार देशों, भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का एक रणनीतिक समूह है, जिसे क्वाडिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग भी कहा जाता है। इस समूह का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है। क्वाड खास तौर पर समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और क्षेत्रीय चुनौतियों पर मिलकर काम करता है।
क्वाड की शुरुआत 2007 में हुई थी और 2017 में इसे फिर सक्रिय किया गया। यह समूह मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत करता है, ताकि समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। पिछले कुछ वर्षों में क्वाड ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, वैक्सीन सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में कई साझा पहल शुरू की हैं।
