पंजाब मेल के 111 वर्ष पूरे, अंग्रेज जमाने में थी भारत की सबसे तेज ट्रेन, विस्तार से इसके बारे में जानिए सबकुछ

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jun 1, 2023, 10:01 AM IST

Punjab Mail: मुंबई और पंजाब में फिरोजपुर छावनी के बीच चलने वाली ट्रेन पंजाब मेल ने 111 साल पूरे कर लिए। पहले ये ट्रेन बॉम्बे (अब, मुंबई) से पेशावर (अब पाकिस्तान में) तक जाती थी। 47 घंटों में 2,496 किलोमीटर की दूरी तय करती थी। अंग्रेज जमाने में यह भारत की सबसे तेज ट्रेन थी। इसके बारे में यहां विस्तार से सबकुछ जानिए।

Punjab Mail: अंग्रेज जमाने के दौरान भारत की सबसे तेज ट्रेन पंजाब मेल, जो अब मुंबई और पंजाब में फिरोजपुर छावनी के बीच चलती है। इसने बुधवार को परिचालन के 111 साल पूरे कर लिए। तीन यात्री डिब्बों को ले जाने वाली ये ट्रेन इतने सालों में 20 से अधिक कोचों में बदल गई और मध्य रेलवे की एक प्रमुख ट्रेन बन गई। मध्य रेलवे अधिकारियों ने कहा कि लोकप्रिय और भरोसेमंद 'पंजाब मेल' बॉम्बे (अब, मुंबई) से पेशावर (अब पाकिस्तान में) तक उपमहाद्वीप में जाने वाली सबसे तेज ट्रेन है। जिसने बुधवार को 111 साल पूरे कर लिए और गुरुवार को परिचालन के 112वें साल में कदम रख रही है। उधर मध्य रेलवे की एक और प्रतिष्ठित ट्रेन, मुंबई-पुणे डेक्कन क्वीन, 1 जून को परिचालन के 94वें वर्ष में प्रवेश करेगी। सेंट्रल रेलवे की रिलीज के मुताबिक, 1 जून, 1912 को पेशावर के लिए मुंबई में वर्तमान पाकिस्तान में मौजूद है। बैलार्ड पियर मोल स्टेशन वास्तव में जीआईपीआर सेवाओं का केंद्र था। पंजाब मेल को मूल रूप से 'पंजाब लिमिटेड' के रूप में जाना जाता था।

Punjab Mail, Punjab Limited

पंजाब मेल के 111 साल पूरे

पंजाब मेल में यात्रियों के लिए पहले तीन डिब्बे थे

पंजाब लिमिटेड करीब 47 घंटों में 2,496 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए GIP मार्ग के माध्यम से बल्लार्ड पियर मोल स्टेशन से पेशावर तक निश्चित दिनों पर चलती थी। ट्रेन में छह कारें थीं। तीन यात्रियों के लिए और तीन डाक सामान और मेल के लिए डिब्बे थे। यात्रियों को ले जाने वाली तीन कारों की क्षमता सिर्फ 96 यात्रियों की थी। भारत के विभाजन के पहले की अवधि के दौरान पंजाब लिमिटेड ब्रिटिश भारत की सबसे तेज ट्रेन थी। इसका रूट बड़े हिस्से के लिए जीआईपी ट्रैक पर चलता थी और पेशावर छावनी में समाप्त होने से पहले इटारसी (मध्य प्रदेश में), आगरा, दिल्ली और लाहौर से होकर गुजरता थी। 1914 से ट्रेन बॉम्बे वीटी (अब छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस या मुंबई CSMT) से शुरू हुई।

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