Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ दिनों से चल रही खींचतान और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर आखिरकार विराम लगता नजर आ रहा है। दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने के बाद पंजाब कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के सुर पूरी तरह बदल गए हैं। चन्नी ने साफ तौर पर कहा कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक है और वे पूरी तरह से पार्टी की नीतियों और फैसलों के साथ खड़े हैं।
दिल्ली दरबार में मीटिंग के बाद चन्नी के बदले सुर
दिल्ली में आलाकमान के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "आज कई नेताओं को यहां बुलाया गया था और हमने अपनी बात आलाकमान के सामने रखी है। लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि हम सब पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। हम आलाकमान के फैसले का सम्मान करते हैं। राहुल गांधी हमारे नेता हैं और हम सब उनसे बेहद प्यार करते हैं। हमारा मकसद किसी को नीचा दिखाना या शर्मिंदा करना बिल्कुल नहीं है। हम सिर्फ पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना चाहते हैं। आलाकमान ने हमारी बात को बहुत ध्यान से सुना है। अब जो भी आखिरी फैसला होगा, वह हमें मंजूर होगा।"
भूपेश बघेल की रिपोर्ट ने पलटा पासा
इससे ठीक एक दिन पहले, यानी 15 जुलाई को पंजाब कांग्रेस के एआईसीसी (AICC) प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सियासी समीकरणों पर अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सौंपी थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि पंजाब कांग्रेस में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, बघेल की रिपोर्ट में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने की मजबूत सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि पंजाब के 29 में से 25 जिला अध्यक्ष और राज्य के 7 में से 4 कांग्रेस सांसद राजा वड़िंग के नेतृत्व का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। इस मुलाकात के बाद जब मीडिया ने बघेल से पंजाब के हालात पर सवाल किया, तो उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, "यह कोई बच्चों का खेल नहीं है।" बघेल के इस तीखे बयान से साफ है कि आलाकमान राजा वड़िंग के साथ मजबूती से खड़ा है।
